श्री गणेश पूजा विधि | Ganesh Puja Vidhi, Mantra & Katha

🙏 श्री गणेश पूजा विधि (विस्तृत)

“वक्रतुंड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥”

🌸 परिचय

भगवान गणेश विघ्नहर्ता और मंगलकर्ता हैं। किसी भी शुभ कार्य, विवाह, गृहप्रवेश या धार्मिक अनुष्ठान से पहले गणेश पूजन आवश्यक है। इससे जीवन में बुद्धि, विद्या, धन-समृद्धि और सुख-शांति की प्राप्ति होती है।

📿 पूजा की तैयारी

  • घर और पूजा स्थान की सफाई करें।
  • चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर गणेश जी की मूर्ति/चित्र स्थापित करें।
  • दीपक प्रज्वलित करें और कलश रखें।

📝 पूजन सामग्री

  • 📿 मूर्ति/चित्र श्री गणेश जी का
  • 🌸 फूल, दूर्वा, अक्षत
  • 🪔 दीपक, धूप, कपूर
  • 🥥 नारियल, फल, मोदक/लड्डू
  • 🥛 पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, शक्कर)
  • 🍃 पान, सुपारी, कलश जल

🙏 पूजा विधि (Step by Step)

1️⃣ आचमन एवं शुद्धि

स्नान कर शुद्ध वस्त्र धारण करें और आचमन मंत्र का उच्चारण करें।

ॐ केशवाय नमः । ॐ माधवाय नमः । ॐ गोविन्दाय नमः ॥

2️⃣ संकल्प

जल, अक्षत और फूल लेकर संकल्प करें: “मैं [अपना नाम] विघ्नहर्ता गणेश जी की पूजा कर रहा हूँ, कृपा करें।”

3️⃣ गणेश ध्यान मंत्र

शुक्लांबरधरं विष्णुं शशिवर्णं चतुर्भुजम्। प्रसन्नवदनं ध्यायेत् सर्वविघ्नोपशान्तये॥

4️⃣ आसन, पाद्य और अर्घ्य अर्पण

गणेश जी को आसन दें, पाद्य (पाँव धोने का जल) और अर्घ्य अर्पण करें।

5️⃣ स्नान और अभिषेक

गणेश जी को पंचामृत और शुद्ध जल से स्नान कराएँ। इसके बाद वस्त्र अर्पित करें।

6️⃣ गंध, पुष्प और दूर्वा अर्पण

सिंदूर, चंदन, फूल और दूर्वा अर्पित करें।

ॐ एकदंताय नमः। दूर्वांकुरान् समर्पयामि॥

7️⃣ नैवेद्य (भोग)

मोदक और फल अर्पित करें।

ॐ लम्बोदराय नमः। मोदकान् समर्पयामि॥

8️⃣ धूप और दीप

गणेश जी को धूप और दीप अर्पित करें।

ॐ गजाननाय नमः। धूपं समर्पयामि। ॐ गणाध्यक्षाय नमः। दीपं समर्पयामि॥

9️⃣ आरती

गणेश जी की आरती करें।

👉 गणेश जी की आरती पढ़ें

📖 श्री गणेश कथा

पार्वती जी ने अपने उबटन से गणेश जी का निर्माण कर उन्हें द्वारपाल बनाया। शिवजी के आने पर गणेश जी ने रोका, जिससे एक घटना घटी…

👉 पूरी कथा पढ़ें

✨ पूजा का महत्व

  • 🚩 कार्यों में आने वाली बाधाएँ दूर होती हैं।
  • 📚 बुद्धि और ज्ञान की प्राप्ति होती है।
  • 💰 धन और समृद्धि में वृद्धि होती है।
  • 🏡 परिवार में सुख-शांति आती है।

⚠️ क्या न करें (निषेध)

  • तुलसी दल अर्पित न करें।
  • दूर्वा हमेशा 3 पत्तियों वाली ही अर्पित करें।
  • पूजा अधूरी छोड़कर बीच में न जाएँ।

❓ FAQ

Q1: गणेश पूजा कब करें?
➡ बुधवार, चतुर्थी और किसी भी शुभ अवसर पर।

Q2: गणेश जी को कौन-सा भोग प्रिय है?
➡ मोदक और दूर्वा।

Q3: बिना मूर्ति के पूजा हो सकती है?
➡ हाँ, चित्र या कलश पर आवाहन कर सकते हैं।

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