5 अगस्त से लागू होंगे रेलवे बोर्ड के आदेश:>
भारतीय रेलवे (Indian Railways) अपने मुसाफिरों को राहत देने के लिए समय-समय पर कई ऐलान करता रहता है. इस बीच अपनी 80% बेहतरीन ट्रेनों को ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (EDFC) में स्थानांतरित करने के साथ रेल विभाग कई काम कर रहा है. इसी कड़ी में अब कानपुर जंक्शन (CNB) और भिवानी (Haryana) के बीच की लोकप्रिय ट्रेनों कालिंदी एक्सप्रेस (Kalindi Express) को प्रयागराज (Prayagraj) तक बढ़ा दिया गया है. कालिंदी एक्सप्रेस मैनपुरी होते हुए हरियाणा के भिवानी तक चलेगी. फिलहाल यह ट्रेन कानपुर सेंट्रल से भिवानी जंक्शन के बीच चल रही है. कालिंदी के विस्तार को रेलवे बोर्ड ने मंजूरी दे दी है और नई समय सारणी के अनुसार, यह 5 अगस्त से प्रतिदिन चलेगी और दोपहर 3:50 बजे प्रयागराज से रवाना होगी. कालिंदी एक्सप्रेस का नया नंबर प्रयागराज से 14117 रहेगा, जबकि भिवानी से कालिंदी एक्सप्रेस का नंबर 14118 होगा. अभी इस ट्रेन का नंबर कानपुर से 14723 एवं भिवानी से 14724 है. नए रूट वाली कालिंदी में पुराने ICF कोच की जगह नए LHB रैक होंगे. LHB रैक होने से इसकी रफ्तार बढ़ेगी. बताया जा रहा है कि कानपुर से भिवानी के बीच अब कालिंदी एक्सप्रेस पहले की तुलना में अब करीब एक घंटे कम समय लेगी. इसकी रवानगी हर रोज दोपहर 3.50 बजे होगी. कालिंदी एक्सप्रेस शाम 6:20-6:30 बजे कानपुर सेंट्रल, फिर रात 9:50-10:20 बजे फर्रुखाबाद पहुंचेंगी. यह ट्रेन पहले की ही तरह भिवानी जंक्शन सुबह 9:05 बजे पहुंचेगी. यानी इसके आखिरी स्टेशन तक पहुंचने का समय लगभग यथावत रहेगा
नया रूट
प्रयागराज के बाद इसका पहला स्टॉपेज फतेहपुर होगा. आगे कानपुर सेंट्रल, कानपुर अनवरगंज, कालिनपुर, बिल्हौर, कन्नौज, गुरसहायगंज, कमालगंज, फतेहगढ़, फर्रुखाबाद, निबकारोरी, भोगांव, मैनपुरी, शिकोहाबाद, फिरोजाबाद, टूंडला, अलीगढ़, गाजियाबाद, दिल्ली शाहदरा, दिल्ली जंक्शन, दिल्ली किशनगंज, शकूरबस्ती, बहादुरगढ, साम्पला, रोहतक, लाहली आदि स्टेशन पर रहेगा.
इलाहाबाद जंक्शन का नाम कब बदला गया
इलाहाबाद जंक्शन का नाम बदलकर प्रयागराज जंक्शन किया गया है वह 163 साल पुराना है। इलाहाबाद जंक्शन से ब्रिटिशकाल में 1857 में फरवरी माह में कानपुर की तरफ 41.8 किमी ट्रेन ट्रायल के तौर पर चलाई गई थी। इसके बाद 1859 में इलाहाबाद से कानपुर के बीच ट्रेन संचालन शुरू हुआ। साल 1947 में जब देश को आजादी मिली तो इस स्टेशन का नए सिरे से बनाया गया। 22 मार्च 1955 को तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने इसकी नींव रखी थी। 2018 में उत्तर प्रदेश सरकार ने इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज कर दिया था।