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Ved and Puran Sanatan Dharm

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, सनातन धर्म में 4 वेद, 6 शास्त्र और 18 पुराणों के बारे में बताया गया है।

सनातन धर्म सबसे पुराना धर्म कहा जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, सनातन धर्म 90 हजार वर्ष पुराना है। हिन्दू धर्म में स्वयंभुव मनु का जन्म सर्वप्रथम 9057 ईसा पूर्व में हुआ था और इसके बाद ही भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था। लेकिन यहां हम बात कर रहे हैं सनातन धर्म में कितने वेद, शास्त्र और पुराण हैं और उनके नाम क्या क्या हैं। हिंदू धर्म के महान ग्रन्थों में इनकी गिनती होती है। इन शास्त्रों की रचना ऋषियों और मुनियों आदि ने की थी। सनातन धर्म में इन्हें प्राचीन ग्रंथों में गिना जाता है।

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, सनातन धर्म में 4 वेद, 6 शास्त्र और 18 पुराणों के बारे में बताया गया है। वेद और पुराणों के बारे में सभी जानते हैं।। लेकिन शास्त्रों के बारे में कम ही लोग जानते हैं। हिंदू धर्म में 6 शास्त्रों का जिक्र किया गया है।


4 वेदों के नाम


1. ऋग्वेद
2. यजुर्वेद
3. सामवेद
4. अथर्ववेद


6 शास्त्रों के नाम



1. न्याय दर्शन

2. वैशेषिक दर्शन

3. संख्या दर्शन

4. योग दर्शन

5. मीमांस दर्शन

6. वेदांत दर्शन


18 पुराणों के नाम


1. विष्णु पुराण

2. नारदीय पुराण

3. पद्म पुराण

4. गरुड़ पुराण

5. वराह पुराण

6. भागवत पुराण

7. मत्स्य पुराण

8. कूर्म पुराण

9. लिंग पुराण

10. शिव पुराण

11. स्कंद पुराण

12. अग्नि पुराण

13. ब्रह्माण्ड पुराण

14. ब्रह्मवैवर्त पुराण

15. मार्कंडेय पुराण

16. भविष्य पुराण

17. वामन पुराण

18. ब्रह्म पुराण


वहीं अगर उपनिषदों की बात करें तो इसका सीधा अर्थ होता है कि शिष्य का गुरु के पास बैठकर ज्ञान को प्राप्त करना है। प्राचीन धर्म ग्रंथों में 108 उपनिषदों का जिक्र है। लेकिन मुख्य रुप से 12 उपनिषद माने गए हैं।



1. ईश

2. केन

3. कठ

4. प्रश्न

5. मुण्डक

6. माण्डूक्य

7. तैत्तिरीय

8. ऐतरेय

9. छांदोग्य

10. बृहदारण्यक

11. कौषीतकि

12. श्वेताश्वतर

डिस्क्लेमर: इस स्टोरी में दी गई सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं। tufawrite.com इनकी पुष्टि नहीं करता है। इन तथ्यों को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें।

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