Download Free PDF E book Sampurn Chankya Niti
वह चणक का पुत्र होने के नाते चाणक्य था। उसकी चाले शत्रु के पकड़ मे नहीं आती थी । अति कुटिल थी। इसीलिए लोगो ने नाम दिया था कौटिल्य । वह दिखने मे जितना कठोर था , उतना ही सहिर्दय भी था। राजनीति के विसात पे टेढ़ी-मेढ़ी चलो का खिलाड़ी होने पर भी वह सच्चा महात्मा था । उसके लिए सुख वैभव , पद आदि महत्वपूर्ण नहीं था। , महत्वपूर्ण था देश का अखंड गौरव अखंड भारत के उस श्वप्न को , साकार करने के लिए वह न कही रुका न कही झुका ।
| Book Name | सम्पूर्ण-चाणक्य-नीति |
| Author Name | आचार्य चाणक्य |
| File Type | |
| File Size | 4.37 MB |
| Published | प्रथम संस्करण 2013 |
| published by | मनोज पब्लिकेशन्स |
| No. of pages | 379 |
| Language | हिन्दी |
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