भीष्म पितामह का जीवन परिचय
भीष्म पितामह आदर्श पितृ-भक्त, आदर्श सत्यप्रतिज्ञ, शास्त्रों के महान ज्ञाता तथा परम भगवद्भक्त थे। इनके पिता भारत वर्ष के चक्रवर्ती सम्राट् महाराज शान्तनु तथा माता भगवती गंगा जी थीं। महर्षि…
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भीष्म पितामह आदर्श पितृ-भक्त, आदर्श सत्यप्रतिज्ञ, शास्त्रों के महान ज्ञाता तथा परम भगवद्भक्त थे। इनके पिता भारत वर्ष के चक्रवर्ती सम्राट् महाराज शान्तनु तथा माता भगवती गंगा जी थीं। महर्षि…
शीतला चालीसा ॥ दोहा॥जय जय माता शीतला ,तुमहिं धरै जो ध्यान ।होय विमल शीतल हृदय,विकसै बुद्धी बल ज्ञान ॥ घट-घट वासी शीतला,शीतल प्रभा तुम्हार ।शीतल छइयां में झुलई,मइयां पलना डार…
कुबेर चालीसा (Kuber Chalisa) ॥ दोहा ॥जैसे अटल हिमालय,और जैसे अडिग सुमेर ।ऐसे ही स्वर्ग द्वार पे,अविचल खडे कुबेर ॥ विघ्न हरण मंगल करण,सुनो शरणागत की टेर ।भक्त हेतु वितरण…
राम चालीसा (Ram Chalisa) ॥ दोहा ॥आदौ राम तपोवनादि गमनं हत्वाह् मृगा काञ्चनंवैदेही हरणं जटायु मरणं सुग्रीव संभाषणं बाली निर्दलं समुद्र तरणं लङ्कापुरी दाहनम्पश्चद्रावनं कुम्भकर्णं हननं एतद्धि रामायणं ॥ चौपाई…
श्री गायत्री चालीसा ॥ दोहा ॥हीं श्रीं, क्लीं, मेधा, प्रभा, जीवन ज्योति प्रचण्ड ।शांति, क्रांति, जागृति, प्रगति, रचना शक्ति अखण्ड ॥जगत जननि, मंगल करनि, गायत्री सुखधाम ।प्रणवों सावित्री, स्वधा, स्वाहा…
विष्णु चालीसा ॥ दोहा॥विष्णु सुनिए विनय सेवक की चितलाय ।कीरत कुछ वर्णन करूं दीजै ज्ञान बताय । ॥ चौपाई ॥नमो विष्णु भगवान खरारी ।कष्ट नशावन अखिल बिहारी ॥ प्रबल जगत…
बगलामुखी चालीसा ॥ दोहा ॥सिर नवाइ बगलामुखी,लिखूं चालीसा आज ॥ कृपा करहु मोपर सदा,पूरन हो मम काज ॥ ॥ चौपाई ॥जय जय जय श्री बगला माता ।आदिशक्ति सब जग की…
कैला देवी चालीसा ॥ दोहा ॥जय जय कैला मात हेतुम्हे नमाउ माथ ॥शरण पडूं में चरण मेंजोडूं दोनों हाथ ॥ आप जानी जान होमैं माता अंजान ॥क्षमा भूल मेरी करोकरूँ…
भैरव चालीसा ॥ दोहा ॥श्री गणपति गुरु गौरी पदप्रेम सहित धरि माथ ।चालीसा वंदन करोश्री शिव भैरवनाथ ॥ श्री भैरव संकट हरणमंगल करण कृपाल ।श्याम वरण विकराल वपुलोचन लाल विशाल…
श्री लक्ष्मी चालीसा ॥ दोहा॥मातु लक्ष्मी करि कृपा,करो हृदय में वास ।मनोकामना सिद्घ करि,परुवहु मेरी आस ॥ ॥ सोरठा॥यही मोर अरदास,हाथ जोड़ विनती करुं ।सब विधि करौ सुवास,जय जननि जगदंबिका…
श्री विन्ध्येश्वरी चालीसा ॥ दोहा ॥नमो नमो विन्ध्येश्वरी,नमो नमो जगदम्ब ।सन्तजनों के काज में,करती नहीं विलम्ब ॥ जय जय जय विन्ध्याचल रानी।आदिशक्ति जगविदित भवानी ॥ सिंहवाहिनी जै जगमाता ।जै जै…
गंगा चालीसा ॥दोहा॥जय जय जय जग पावनी,जयति देवसरि गंग ।जय शिव जटा निवासिनी,अनुपम तुंग तरंग ॥ ॥चौपाई॥जय जय जननी हराना अघखानी ।आनंद करनी गंगा महारानी ॥ जय भगीरथी सुरसरि माता…
पार्वती चालीसा ॥ दोहा ॥जय गिरी तनये दक्षजेशम्भू प्रिये गुणखानि ।गणपति जननी पार्वतीअम्बे! शक्ति! भवानि ॥ ॥ चौपाई ॥ब्रह्मा भेद न तुम्हरो पावे ।पंच बदन नित तुमको ध्यावे ॥ षड्मुख…
माँ महाकाली – जय काली कंकाल मालिनी! चालीसा ॥ दोहा ॥जय जय सीताराम के मध्यवासिनी अम्ब,देहु दर्श जगदम्ब अब करहु न मातु विलम्ब ॥ जय तारा जय कालिका जय दश…
माँ काली चालीसा ॥दोहा॥जयकाली कलिमलहरण,महिमा अगम अपार ।महिष मर्दिनी कालिका,देहु अभय अपार ॥ ॥ चौपाई ॥अरि मद मान मिटावन हारी ।मुण्डमाल गल सोहत प्यारी ॥ अष्टभुजी सुखदायक माता ।दुष्टदलन जग…
शीतला चालीसा ॥ दोहा॥जय जय माता शीतला ,तुमहिं धरै जो ध्यान ।होय विमल शीतल हृदय,विकसै बुद्धी बल ज्ञान ॥ घट-घट वासी शीतला,शीतल प्रभा तुम्हार ।शीतल छइयां में झुलई,मइयां पलना डार…
श्री नर्मदा चालीसा ॥ दोहा॥देवि पूजित, नर्मदा,महिमा बड़ी अपार ।चालीसा वर्णन करत,कवि अरु भक्त उदार॥ इनकी सेवा से सदा,मिटते पाप महान ।तट पर कर जप दान नर,पाते हैं नित ज्ञान…
सरस्वती चालीसा ॥ दोहा ॥जनक जननि पद्मरज,निज मस्तक पर धरि ।बन्दौं मातु सरस्वती,बुद्धि बल दे दातारि ॥ पूर्ण जगत में व्याप्त तव,महिमा अमित अनंतु।दुष्जनों के पाप को,मातु तु ही अब…
॥ माँ अन्नपूर्णा चालीसा ॥ ॥ दोहा ॥विश्वेश्वर पदपदम की रज निज शीश लगाय ।अन्नपूर्णे, तव सुयश बरनौं कवि मतिलाय । ॥ चौपाई ॥नित्य आनंद करिणी माता,वर अरु अभय भाव…
विश्वकर्मा चालीसा ॥ दोहा ॥श्री विश्वकर्म प्रभु वन्दऊं,चरणकमल धरिध्यान ।श्री, शुभ, बल अरु शिल्पगुण,दीजै दया निधान ॥ ॥ चौपाई ॥जय श्री विश्वकर्म भगवाना ।जय विश्वेश्वर कृपा निधाना ॥ शिल्पाचार्य परम…
राधा चालीसा – जय वृषभान कुंवारी श्री श्यामा ॥ दोहा ॥श्री राधे वुषभानुजा,भक्तनि प्राणाधार ।वृन्दाविपिन विहारिणी,प्रानावौ बारम्बार ॥ जैसो तैसो रावरौ,कृष्ण प्रिय सुखधाम ।चरण शरण निज दीजिये,सुन्दर सुखद ललाम ॥…
श्री झूलेलाल चालीसा ॥ दोहा ॥जय जय जल देवता,जय ज्योति स्वरूप ।अमर उडेरो लाल जय,झुलेलाल अनूप ॥ ॥ चौपाई ॥रतनलाल रतनाणी नंदन ।जयति देवकी सुत जग वंदन ॥ दरियाशाह वरुण…
श्री गोरक्ष चालीसा दोहा-गणपति गिरिजा पुत्र को,सिमरूँ बारम्बार ।हाथ जोड़ विनती करूँ,शारद नाम अधार ।। चौपाई-जय जय जय गोरख अविनाशी,कृपा करो गुरुदेव प्रकाशी । जय जय जय गोरख गुणज्ञानी,इच्छा रूप…
अथ चौरासी सिद्ध चालीसा दोहा –श्री गुरु गणनायक सिमर,शारदा का आधार । कहूँ सुयश श्रीनाथ का,निज मति के अनुसार । श्री गुरु गोरक्षनाथ के चरणों में आदेश ।जिनके योग प्रताप…
खाटू श्याम चालीसा ॥ दोहा॥श्री गुरु पदरज शीशधर प्रथम सुमिरू गणेश ॥ध्यान शारदा ह्रदयधर भजुँ भवानी महेश ॥ चरण शरण विप्लव पड़े हनुमत हरे कलेश ।श्याम चालीसा भजत हुँ जयति…
तुलसी चालीसा ॥ दोहा ॥जय जय तुलसी भगवती सत्यवती सुखदानी ।नमो नमो हरि प्रेयसी श्री वृन्दा गुन खानी ॥ श्री हरि शीश बिरजिनी, देहु अमर वर अम्ब ।जनहित हे वृन्दावनी…
श्री कृष्ण चालीसा ॥ दोहा॥बंशी शोभित कर मधुर,नील जलद तन श्याम ।अरुण अधर जनु बिम्बफल,नयन कमल अभिराम ॥ पूर्ण इन्द्र, अरविन्द मुख,पीताम्बर शुभ साज ।जय मनमोहन मदन छवि,कृष्णचन्द्र महाराज ॥…
सूर्य चालीसा श्री सूर्य देव चालीसा ॥॥ दोहा ॥कनक बदन कुण्डल मकर, मुक्ता माला अङ्ग,पद्मासन स्थित ध्याइए, शंख चक्र के सङ्ग॥ ॥ चौपाई ॥जय सविता जय जयति दिवाकर,सहस्त्रांशु सप्ताश्व तिमिरहर॥…
शिव चालीसा ॥ दोहा ॥जय गणेश गिरिजा सुवन,मंगल मूल सुजान ।कहत अयोध्यादास तुम,देहु अभय वरदान ॥ ॥ चौपाई ॥जय गिरिजा पति दीन दयाला ।सदा करत सन्तन प्रतिपाला ॥ भाल चन्द्रमा…
गणेश चालीसा ॥ दोहा ॥जय गणपति सदगुण सदन,कविवर बदन कृपाल ।विघ्न हरण मंगल करण,जय जय गिरिजालाल ॥ ॥ चौपाई ॥जय जय जय गणपति गणराजू ।मंगल भरण करण शुभः काजू ॥…
संतोषी माता चालीसा ॥ दोहा ॥बन्दौं सन्तोषी चरण रिद्धि-सिद्धि दातार ।ध्यान धरत ही होत नर दुःख सागर से पार ॥ भक्तन को सन्तोष दे सन्तोषी तव नाम ।कृपा करहु जगदम्ब…
दुर्गा चालीसा (Durga Chalisa) नमो नमो दुर्गे सुख करनी ।नमो नमो दुर्गे दुःख हरनी ॥निरंकार है ज्योति तुम्हारी ।तिहूँ लोक फैली उजियारी ॥ शशि ललाट मुख महाविशाला ।नेत्र लाल भृकुटि…
॥ दोहा ॥जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल करण कृपाल ।दीनन के दुख दूर करि, कीजै नाथ निहाल ॥ जय जय श्री शनिदेव प्रभु, सुनहु विनय महाराज ।करहु कृपा हे रवि…
वेद प्राचीनतम हिंदू ग्रंथ हैं। ऐसी मान्यता है वेद परमात्मा के मुख से निकले हुये वाक्य हैं। वेद शब्द की उत्पत्ति संस्कृत के ‘विद्’ शब्द से हुई है। विद् का…
सनातन धर्म अपने हिंदू धर्म के वैकल्पिक नाम से भी जाना जाता है। वैदिक काल में भारतीय उपमहाद्वीप के धर्म के लिये 'सनातन धर्म' नाम मिलता है। 'सनातन' का अर्थ…
Ved and Puran Sanatan Dharm पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, सनातन धर्म में 4 वेद, 6 शास्त्र और 18 पुराणों के बारे में बताया गया है। सनातन धर्म सबसे पुराना धर्म…
आशुतोष शशाँक शेखर, चन्द्र मौली चिदंबरा, कोटि कोटि प्रणाम शम्भू, कोटि नमन दिगम्बरा ॥ निर्विकार ओमकार अविनाशी, तुम्ही देवाधि देव, जगत सर्जक प्रलय करता, शिवम सत्यम सुंदरा ॥ निरंकार स्वरूप…
Download Free PDF Hanuman Chalisa ॥ श्री हनुमान चालीसा लिरिक्स ॥ ॥ दोहा॥ श्रीगुरु चरन सरोज रज निज मनु मुकुरु सुधारि । बरनउँ रघुबर बिमल जसु जो दायकु फल चारि…