नाना पाटेकर भारतीय सिनेमा के उन अभिनेताओं में गिने जाते हैं जिनकी पहचान केवल स्टारडम से नहीं, बल्कि उनकी दमदार आवाज, तीखे संवाद, अलग अभिनय शैली और यादगार किरदारों से बनी। हिंदी और मराठी फिल्मों के साथ उन्होंने थिएटर, निर्देशन और लेखन में भी काम किया। करीब पांच दशक लंबे करियर में उन्होंने कई राष्ट्रीय और लोकप्रिय पुरस्कार हासिल किए और 2013 में उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया।
8 अक्टूबर 2026 को 75 वर्ष की उम्र में उनके निधन की खबर सामने आई। रिपोर्टों के अनुसार उन्हें गोवा स्थित अपने आवास पर cardiac arrest आया। डॉक्टरों ने करीब 45 मिनट तक CPR देने की कोशिश की, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। उनके निधन के बाद महाराष्ट्र सरकार ने उनके अंतिम संस्कार को पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ करने की घोषणा की।
Nana Patekar कौन थे?
नाना पाटेकर का असली नाम विश्वनाथ पाटेकर (Vishwanath Patekar) था। उनका जन्म 1 जनवरी 1951 को तत्कालीन Bombay State के Murud-Janjira क्षेत्र में हुआ था। वह अभिनेता, निर्देशक और लेखक के रूप में जाने जाते थे।
उन्होंने हिंदी और मराठी सिनेमा के अलावा थिएटर में भी लंबे समय तक काम किया। उनकी अभिनय शैली में संवादों की तीव्रता, भावनात्मक गहराई और किरदार के अनुसार आवाज तथा body language का विशेष महत्व रहा।
Nana Patekar की शुरुआती जिंदगी
नाना पाटेकर का बचपन संघर्षों के बीच बीता। उन्होंने मुंबई के Sir J.J. Institute of Applied Art से शिक्षा प्राप्त की। अभिनय की दुनिया में आने से पहले उन्होंने कला और sketching में भी रुचि दिखाई। उपलब्ध जीवनी संबंधी रिकॉर्ड के अनुसार उन्होंने मुंबई पुलिस के लिए sketch artist के रूप में भी काम किया था।
थिएटर ने उनके अभिनय करियर को मजबूत आधार दिया। उन्होंने मराठी रंगमंच से शुरुआत की और बाद में फिल्मों की ओर बढ़े।
फिल्मों में शुरुआत
नाना पाटेकर ने फिल्मों में अपनी शुरुआत 1978 की फिल्म Gaman से की। इसके बाद उन्होंने हिंदी और मराठी फिल्मों में छोटे-बड़े कई किरदार निभाए।
उनके शुरुआती दौर की फिल्मों में उन्होंने ऐसे character roles किए जिनसे धीरे-धीरे उनकी अलग पहचान बनने लगी। 1980 के दशक के अंत तक उनका अभिनय बड़े दर्शक वर्ग और फिल्म समीक्षकों का ध्यान खींचने लगा।
Parinda से मिली बड़ी पहचान
नाना पाटेकर के करियर में Parinda (1989) एक बड़ा turning point साबित हुई।
फिल्म में उनके intense और complex performance को काफी सराहा गया और इसके लिए उन्हें National Film Award for Best Supporting Actor मिला। इसी फिल्म के लिए उन्हें Filmfare Award भी मिला।
Parinda के बाद नाना पाटेकर को एक गंभीर और प्रभावशाली अभिनेता के रूप में पहचान मिलने लगी।
Prahaar और निर्देशन
नाना पाटेकर ने केवल अभिनय तक खुद को सीमित नहीं रखा। उन्होंने Prahaar: The Final Attack (1991) से निर्देशन में भी कदम रखा।
यह फिल्म उनके निर्देशन करियर की महत्वपूर्ण फिल्मों में शामिल रही। फिल्म में उन्होंने अभिनय भी किया और इसके माध्यम से सेना तथा अनुशासन की पृष्ठभूमि को पर्दे पर प्रस्तुत किया।
Krantiveer में यादगार भूमिका
Krantiveer (1994) नाना पाटेकर के करियर की सबसे महत्वपूर्ण फिल्मों में से एक रही।
इस फिल्म में उनके प्रदर्शन के लिए उन्हें National Film Award for Best Actor मिला। इसके अलावा उन्हें Filmfare और Screen Award में भी सम्मान मिला।
Krantiveer में उनके संवाद और aggressive performance आज भी हिंदी सिनेमा के चर्चित performances में गिने जाते हैं।
Agni Sakshi और तीसरा National Award
नाना पाटेकर ने Agni Sakshi (1996) में भी प्रभावशाली अभिनय किया। इस फिल्म के लिए उन्हें National Film Award for Best Supporting Actor मिला।
इस तरह उन्होंने अपने करियर में अभिनय के लिए तीन National Film Awards हासिल किए।
Khamoshi: The Musical
Khamoshi: The Musical (1996) में भी नाना पाटेकर के प्रदर्शन को काफी सराहा गया।
इस फिल्म में उन्होंने एक ऐसे पिता का किरदार निभाया जो अपनी बेटी के जीवन और परिवार की परिस्थितियों से गहराई से जुड़ा हुआ है। यह भूमिका उनके गंभीर और emotional acting style का एक और उदाहरण बनी।
Welcome ने दिखाई comedy की दूसरी तरफ
नाना पाटेकर की पहचान केवल serious और angry characters तक सीमित नहीं रही।
Welcome (2007) में उन्होंने उदय शेट्टी का किरदार निभाकर comedy में भी अपनी मजबूत पकड़ दिखाई। उनका यह character दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय हुआ।
इस फिल्म ने यह भी साबित किया कि नाना पाटेकर intense roles के साथ-साथ comic timing में भी प्रभावशाली प्रदर्शन कर सकते थे।
Ab Tak Chhappan
Ab Tak Chhappan (2004) में नाना पाटेकर ने एक पुलिस अधिकारी का किरदार निभाया।
फिल्म में उनके शांत लेकिन कठोर पुलिस अधिकारी वाले अंदाज को काफी पसंद किया गया। यह भूमिका उनकी बाद की चर्चित performances में शामिल रही।
Raajneeti
Raajneeti (2010) में नाना पाटेकर ने महत्वपूर्ण supporting role निभाया। फिल्म में उनके किरदार ने एक बार फिर उनकी गंभीर अभिनय क्षमता को सामने रखा।
उनकी भूमिका को दर्शकों और समीक्षकों दोनों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली।
Natsamrat
मराठी सिनेमा में Natsamrat (2016) नाना पाटेकर की सबसे चर्चित फिल्मों में शामिल है।
फिल्म में उन्होंने एक उम्रदराज रंगमंच अभिनेता का किरदार निभाया। उनके प्रदर्शन के लिए उन्हें Zee Chitra Gaurav Puraskar सहित कई सम्मान और nominations मिले।
अन्य प्रमुख फिल्में
नाना पाटेकर के लंबे करियर में कई महत्वपूर्ण फिल्में शामिल हैं:
- Gaman
- Salaam Bombay!
- Parinda
- Prahaar
- Angaar
- Tirangaa
- Krantiveer
- Agni Sakshi
- Khamoshi: The Musical
- Shakti: The Power
- Ab Tak Chhappan
- Apaharan
- Taxi No. 9 2 11
- Welcome
- Raajneeti
- Natsamrat
- Kaala
- The Vaccine War
- Vanvaas
- Housefull 5
- Subedaar
उनकी फिल्मography में गंभीर drama, action, crime, comedy और Marathi cinema की कई अलग-अलग शैली की फिल्में शामिल हैं।
नाना पाटेकर के प्रमुख पुरस्कार
नाना पाटेकर को उनके अभिनय के लिए कई बड़े पुरस्कार मिले।
| Award | Film/Contribution |
|---|---|
| National Film Award – Best Supporting Actor | Parinda |
| National Film Award – Best Actor | Krantiveer |
| National Film Award – Best Supporting Actor | Agni Sakshi |
| Filmfare Award | Parinda |
| Filmfare Award – Best Villain | Angaar |
| Filmfare Award – Best Actor | Krantiveer |
| Filmfare Award – Negative Role | Apaharan |
| Filmfare Marathi Award | Hemalkasa |
| Padma Shri | 2013 |
उपलब्ध awards records में नाना पाटेकर के लिए 16 wins और 32 nominations दर्ज हैं, हालांकि अलग-अलग databases में award-count की methodology अलग हो सकती है।
Padma Shri
भारत सरकार ने नाना पाटेकर को 2013 में Padma Shri से सम्मानित किया।
यह सम्मान उन्हें भारतीय सिनेमा और कला के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए मिला।
नाना पाटेकर और NAAM Foundation
नाना पाटेकर का जीवन केवल फिल्मों तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने मराठी अभिनेता मकरंद अनासपुरे के साथ मिलकर सितंबर 2015 में NAAM Foundation की शुरुआत की।
इस पहल का उद्देश्य महाराष्ट्र के drought-affected किसानों और ग्रामीण समुदायों की मदद करना था। Foundation का काम किसान परिवारों की सहायता, water conservation, गांवों के विकास और ग्रामीण livelihoods जैसे क्षेत्रों तक फैला।
NAAM Foundation के अनुसार इसका काम केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पानी की उपलब्धता, पुराने जलस्रोतों को पुनर्जीवित करने और ग्रामीण विकास पर भी ध्यान दिया गया।
निजी जीवन
नाना पाटेकर की शादी नीलकांति पाटेकर (Neelakanti Patekar) से हुई थी। दोनों का विवाह बाद में समाप्त हो गया। उनके एक बेटे मल्हार पाटेकर हैं।
नाना पाटेकर अपने निजी जीवन को काफी हद तक सार्वजनिक चर्चा से दूर रखते थे और उनकी सार्वजनिक छवि उनके फिल्मों तथा सामाजिक कार्यों से अधिक जुड़ी रही।
नाना पाटेकर की अभिनय शैली
नाना पाटेकर की सबसे बड़ी पहचान उनकी distinctive voice और dialogue delivery रही।
उनके अभिनय में कई बार बहुत कम शब्दों में भाव व्यक्त करने की क्षमता दिखाई देती थी। वहीं जरूरत पड़ने पर उनके intense dialogues और आवाज का प्रभाव किरदार को पूरी तरह बदल देता था।
उनकी अभिनय शैली को हिंदी और मराठी सिनेमा में अलग पहचान मिली और कई पीढ़ियों के दर्शकों ने उनके किरदारों को याद रखा।
अंतिम दिनों में भी फिल्मों से जुड़े रहे
नाना पाटेकर ने अपने जीवन के अंतिम वर्षों में भी अभिनय जारी रखा। उनकी बाद की फिल्मों और projects में The Vaccine War, Vanvaas, Housefull 5 और Subedaar शामिल हैं। IMDb records में 2026 के कई projects भी listed हैं।
Nana Patekar Death News
8 अक्टूबर 2026 को नाना पाटेकर के निधन की खबर सामने आई। Indian Express के अनुसार उनका निधन सुबह 5:20 बजे गोवा स्थित उनके residence पर cardiac arrest के बाद हुआ। उन्हें बचाने के लिए लगभग 45 मिनट तक CPR किया गया, लेकिन डॉक्टर उन्हें revive नहीं कर सके। उनके बेटे मल्हार पाटेकर ने भी निधन की पुष्टि की।
अस्पताल की ओर से बताया गया कि medico-legal case दर्ज किया गया और post-mortem की प्रक्रिया की गई। इसलिए मृत्यु से संबंधित अंतिम medical details को आधिकारिक जांच पूरी होने तक सावधानी से देखा जाना चाहिए।
अंतिम संस्कार को राजकीय सम्मान
महाराष्ट्र सरकार ने नाना पाटेकर के लंबे योगदान को देखते हुए उनके अंतिम संस्कार को पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ करने का निर्णय लिया।
महाराष्ट्र के Cultural Affairs Minister Ashish Shelar ने इसकी घोषणा की। अंतिम संस्कार पुणे में किए जाने की जानकारी दी गई।
PM Modi ने दी श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नाना पाटेकर के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उनके अभिनय की intensity, individuality और versatility को याद किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके निभाए कई किरदार आने वाली पीढ़ियों तक याद किए जाएंगे और हिंदी तथा मराठी सिनेमा में उनका योगदान बहुत बड़ा था।
नाना पाटेकर की विरासत
नाना पाटेकर का करियर लगभग पांच दशक तक फैला रहा। उन्होंने एक ही तरह के किरदारों में बंधने के बजाय serious drama, action, crime, comedy और Marathi theatre जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में काम किया।
Parinda के अपराधी किरदार से लेकर Krantiveer के संघर्षशील नायक, Welcome के Uday Shetty और Natsamrat के रंगमंच कलाकार तक, उनके किरदारों में काफी विविधता देखने को मिली।
उनकी पहचान केवल एक फिल्म अभिनेता के रूप में नहीं रही। थिएटर, निर्देशन, लेखन और सामाजिक कार्यों में उनका योगदान भी उनके career का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा।
Nana Patekar Biography – Quick Facts
| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| पूरा नाम | Vishwanath Patekar |
| लोकप्रिय नाम | Nana Patekar |
| जन्म | 1 January 1951 |
| जन्मस्थान | Murud-Janjira, Maharashtra |
| पेशा | Actor, Director, Writer |
| मुख्य भाषाएं | Hindi, Marathi |
| फिल्म debut | Gaman (1978) |
| प्रमुख फिल्म | Parinda |
| National Film Awards | 3 |
| Padma Shri | 2013 |
| NAAM Foundation | 2015 |
| पत्नी | Neelakanti Patekar |
| बेटा | Malhar Patekar |
| निधन | 8 October 2026 |
| उम्र | 75 वर्ष |
| निधन का स्थान | Goa |
| अंतिम संस्कार | Pune, पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ |
निष्कर्ष
नाना पाटेकर ने भारतीय सिनेमा में अपनी जगह केवल लोकप्रिय फिल्मों के जरिए नहीं बनाई, बल्कि अपने अलग अंदाज और यादगार अभिनय से बनाई। उनके तीन National Film Awards, Filmfare honours और Padma Shri उनके लंबे cinematic contribution को दर्शाते हैं।
फिल्मों के अलावा किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए NAAM Foundation के माध्यम से किए गए काम ने उनके सार्वजनिक जीवन को एक अलग पहचान दी।
8 अक्टूबर 2026 को उनके निधन के साथ भारतीय सिनेमा ने एक ऐसे कलाकार को खो दिया जिसकी आवाज, संवाद और किरदार लंबे समय तक दर्शकों की यादों में बने रहेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और महाराष्ट्र सरकार सहित कई लोगों ने उनके योगदान को याद करते हुए श्रद्धांजलि दी।

