Strait of Hormuz पर निर्भर देश – वैश्विक तेल आपूर्ति का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग
दुनिया की ऊर्जा व्यवस्था कुछ महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर निर्भर करती है जिन्हें Strategic Maritime Chokepoints कहा जाता है। इन chokepoints में सबसे महत्वपूर्ण स्थान Strait of Hormuz का है। यह संकरी समुद्री जलधारा Persian Gulf को Gulf of Oman और आगे Arabian Sea तथा Indian Ocean से जोड़ती है।
आज वैश्विक ऊर्जा व्यापार का एक बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से होकर गुजरता है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा आंकड़ों के अनुसार हर दिन लगभग 20 से 21 मिलियन बैरल कच्चा तेल और पेट्रोलियम उत्पाद इस मार्ग से गुजरते हैं, जो दुनिया की कुल तेल खपत का लगभग 20 प्रतिशत है।
इसका मतलब यह है कि यदि किसी कारण से यह समुद्री मार्ग बंद हो जाए तो दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति और तेल की कीमतों पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। यही कारण है कि Strait of Hormuz को अक्सर “World’s Most Important Oil Chokepoint” कहा जाता है।
Strait of Hormuz इतना महत्वपूर्ण क्यों है?
Strait of Hormuz की महत्वता का सबसे बड़ा कारण यह है कि Persian Gulf क्षेत्र दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडारों में से एक है।
इस क्षेत्र में स्थित प्रमुख तेल उत्पादक देश जैसे:
- Saudi Arabia
- Iraq
- Kuwait
- United Arab Emirates
- Qatar
इन सभी देशों का अधिकांश तेल निर्यात इसी समुद्री मार्ग से होकर दुनिया के विभिन्न देशों तक पहुंचता है।
एक और महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि इस मार्ग से गुजरने वाले तेल का लगभग 80 प्रतिशत से अधिक हिस्सा एशियाई देशों को जाता है। इसका मतलब यह है कि Asia की ऊर्जा सुरक्षा इस समुद्री मार्ग पर सबसे ज्यादा निर्भर है।
Strait of Hormuz से तेल लेने वाले प्रमुख देश
नीचे दी गई तालिका उन देशों को दिखाती है जो इस समुद्री मार्ग से आने वाले तेल पर निर्भर हैं।
| Country | Hormuz Route Dependence | Strategic Oil Stock |
|---|---|---|
| China | 45-50% crude imports | ~90 days |
| India | 35-50% crude imports | ~60-70 days |
| Japan | 70% oil imports | ~240-260 days |
| South Korea | 60-70% imports | ~180-200 days |
| Taiwan | ~60% imports | ~90-120 days |
| Singapore | ~50% imports | ~90 days |
| Thailand | ~40% imports | ~60 days |
| Italy | ~30% imports | ~90 days |
| Spain | ~30% imports | ~90 days |
चीन (China)
China आज दुनिया का सबसे बड़ा तेल आयातक देश है। इसकी तेजी से बढ़ती औद्योगिक अर्थव्यवस्था को चलाने के लिए विशाल ऊर्जा संसाधनों की आवश्यकता होती है।
China के कुल तेल आयात का लगभग 45 से 50 प्रतिशत हिस्सा Persian Gulf क्षेत्र से आता है और इनमें से अधिकांश तेल टैंकर Strait of Hormuz के माध्यम से गुजरते हैं।
China ने ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए Strategic Petroleum Reserve (SPR) भी विकसित किया है जो लगभग 90 दिनों की तेल खपत के बराबर माना जाता है।
भारत (India)
भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक देश है और इसकी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयातित कच्चे तेल से पूरा होता है।
भारत के लगभग 35 से 50 प्रतिशत crude oil imports Strait of Hormuz के रास्ते से आते हैं।
भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने के लिए strategic petroleum reserves भी बनाए हैं जिनमें विशाखापट्टनम, मंगलुरु और पाडुर जैसे स्थान शामिल हैं।
इन reserves और commercial stocks को मिलाकर भारत के पास लगभग 60 से 70 दिनों की तेल खपत का भंडार माना जाता है।
जापान (Japan)
Japan ऊर्जा के मामले में आयात पर अत्यधिक निर्भर देश है। देश के पास प्राकृतिक तेल संसाधन लगभग नहीं हैं, इसलिए उसे अपनी अधिकांश ऊर्जा जरूरतें विदेशों से आयात करनी पड़ती हैं।
Japan के कुल तेल आयात का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा Strait of Hormuz के रास्ते से आता है।
इस जोखिम को देखते हुए Japan ने दुनिया के सबसे बड़े strategic oil reserves बनाए हैं जो लगभग 240 से 260 दिनों की खपत के बराबर हैं।
दक्षिण कोरिया (South Korea)
South Korea एक प्रमुख औद्योगिक अर्थव्यवस्था है और उसकी ऊर्जा मांग बहुत अधिक है।
South Korea के लगभग 60 से 70 प्रतिशत crude oil imports Persian Gulf क्षेत्र से आते हैं और इनका बड़ा हिस्सा Strait of Hormuz के माध्यम से गुजरता है।
South Korea के पास लगभग 180 से 200 दिनों का strategic petroleum reserve मौजूद है।
Southeast Asia के देश
Taiwan, Singapore और Thailand जैसे Southeast Asia के देश भी Middle East crude पर काफी निर्भर हैं।
- Taiwan: लगभग 60% तेल आयात Gulf क्षेत्र से
- Singapore: refining hub होने के कारण Gulf crude महत्वपूर्ण
- Thailand: लगभग 40% आयात Gulf से
इन देशों के पास आमतौर पर 60 से 120 दिनों के strategic oil reserves होते हैं।
यूरोप के देश
हालांकि यूरोप की निर्भरता एशिया जितनी अधिक नहीं है, फिर भी कई यूरोपीय देश Persian Gulf crude पर निर्भर हैं।
मुख्य देशों में शामिल हैं:
- Italy
- Spain
- Greece
International Energy Agency के नियमों के अनुसार यूरोपीय देशों को कम से कम 90 दिनों के strategic petroleum reserves बनाए रखना आवश्यक होता है।
अगर Strait of Hormuz बंद हो जाए तो क्या होगा?
यदि किसी कारण से Strait of Hormuz बंद हो जाए तो इसका असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर बहुत बड़ा हो सकता है।
संभावित प्रभाव:
- वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत प्रभावित हो सकता है
- तेल की कीमतों में तेज वृद्धि हो सकती है
- एशियाई देशों की ऊर्जा सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ सकता है
- वैश्विक आर्थिक अस्थिरता पैदा हो सकती है
इसी कारण यह समुद्री मार्ग वैश्विक geopolitics में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
निष्कर्ष
Strait of Hormuz दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति का एक अत्यंत महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है।
- दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल का परिवहन इसी मार्ग से होता है
- इस तेल का अधिकांश हिस्सा एशियाई देशों को जाता है
- China, India, Japan और South Korea इस मार्ग पर सबसे ज्यादा निर्भर हैं
इसलिए जब भी Middle East में तनाव बढ़ता है, पूरी दुनिया की नजर Strait of Hormuz पर टिक जाती है।