Illustration representing the reported 168-acre land purchase investigation involving the Mohan Yadav family, real estate firms and development projects in Ujjain.
📌 प्रस्तावना | Introduction
मध्य प्रदेश की राजनीति में इन दिनों जमकर हंगामा मचा हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उनके परिवार से जुड़ी एक बड़ी भूमि खरीद का मामला सुर्खियों में है। 23 जून 2026 को द इंडियन एक्सप्रेस द्वारा प्रकाशित एक खोजी रिपोर्ट ने दावा किया कि सीएम के परिवार और उनसे जुड़ी रियल एस्टेट कंपनियों ने दिसंबर 2023 से दिसंबर 2025 के बीच उज्जैन में बड़े पैमाने पर भूमि खरीदी है। इस रिपोर्ट ने विपक्षी दलों, खासकर कांग्रेस की ओर से जांच की मांग को जन्म दिया है ।
यह लेख उपलब्ध सार्वजनिक दस्तावेजों, भूमि रिकॉर्ड, कंपनी रजिस्ट्रेशन और मीडिया रिपोर्टों के आधार पर पूरे मामले का विस्तृत, तथ्यात्मक और निष्पक्ष विश्लेषण प्रस्तुत करता है।
⚠️ अस्वीकरण | Disclaimer: यह लेख इंडियन एक्सप्रेस की जांच रिपोर्ट, सार्वजनिक दस्तावेजों, कंपनी रिकॉर्ड और विभिन्न मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है। इसमें वर्णित आरोप अभी किसी न्यायालय या जांच एजेंसी द्वारा सिद्ध नहीं हुए हैं। संबंधित पक्षों ने कई आरोपों का खंडन किया है।
🔍 मामले का सारांश | Case Summary
द इंडियन एक्सप्रेस की जांच के अनुसार:
विवरण
आंकड़ा
अवधि
दिसंबर 2023 – दिसंबर 2025
खरीदे गए प्लॉट
137
कुल भूमि
168 एकड़
अनुमानित निवेश
₹45 करोड़
इंफ्रा प्रोजेक्ट्स से प्रभावित भूमि
111 एकड़
2021-2023 में खरीद
85 एकड़
परिवार की कुल भूमि (अनुमानित)
335 एकड़ (245 प्लॉट)
2021 से कुल अर्जित भूमि
253 एकड़
सबसे बड़ा सवाल: परिवार ने उन क्षेत्रों में भूमि क्यों खरीदी, जहां बाद में सरकार ने हाईवे, सड़क और विकास परियोजनाओं की घोषणा की? क्या यह महज संयोग है या कोई सुनियोजित साजिश?
👨👩👧👦 परिवार के सदस्य | Family Members Involved
रिपोर्ट के अनुसार, भूमि खरीद में परिवार के 11 सदस्य शामिल हैं ।
1. डॉ. मोहन यादव | Dr. Mohan Yadav (स्वयं)
विवरण
जानकारी
भूमि स्वामित्व
17 एकड़ (4 एकड़ विरासत + 13 एकड़ 1998 में खरीद)
कंपनी में हिस्सेदारी
श्री सिद्धिविनायक डेवकॉन्स में 73% (39.5 एकड़)
सीएमओ का स्पष्टीकरण
नवंबर 2023 से जून 2026 तक भूमि में कोई वृद्धि नहीं
2. सीमा यादव | Seema Yadav (पत्नी)
विवरण
जानकारी
व्यक्तिगत स्वामित्व
10.6 एकड़ (2008-2011 में खरीद)
कंपनी के माध्यम से
27.5 एकड़ (श्री सिद्धिविनायक डेवकॉन्स)
नवंबर 2023
12.287 एकड़
जून 2026
12.292 एकड़ (मामूली वृद्धि)
3. वैभव यादव | Vaibhav Yadav (पुत्र)
विवरण
जानकारी
भूमि स्वामित्व
16 एकड़ (2021 से, सावरखेड़ी और ढेडिया में)
कंपनी में भूमिका
श्री सिद्धिविनायक डेवकॉन्स में निदेशक
टाइमिंग
2019-2023 के बीच खरीदी (सीएम बनने से पहले)
4. शालिनी यादव | Shalini Yadav (पुत्रवधू)
विवरण
जानकारी
विवाह
फरवरी 2024
भूमि खरीद
जून-जुलाई 2025 में गंगेड़ी में 10+ एकड़
सीएमओ का स्पष्टीकरण
मास्टर प्लान क्षेत्र के बाहर स्थित
5. नारायण यादव | Narayan Yadav (बड़े भाई)
विवरण
जानकारी
भूमि स्वामित्व
19 एकड़ (15 एकड़ 2021 के बाद)
भूमिका
परिवार के मुखिया (“दादा दयालु”)
6. रेखा यादव | Rekha Yadav (नारायण की पत्नी)
विवरण
जानकारी
भूमि खरीद
2021 से 4 एकड़
7. नंदलाल यादव | Nandlal Yadav (भाई)
विवरण
जानकारी
भूमि स्वामित्व
17 एकड़ (13 एकड़ 2025 में अकेले खरीदे)
8. कलावती यादव | Kalavati Yadav (बहन)
विवरण
जानकारी
भूमि स्वामित्व
17 एकड़ (सावरखेड़ी और कस्बा उज्जैन)
पद
उज्जैन नगर पालिका अध्यक्ष
9. अभय यादव | Abhay Yadav (भतीजा)
विवरण
जानकारी
भूमि खरीद
2025 में 16 एकड़
कंपनी में भूमिका
“श्री अंगारेश्वर महादेव स्टोन क्रशर” में निदेशक
10. गोविंद यादव | Govind Yadav (प्रथम चचेरा भाई)
विवरण
जानकारी
भूमि खरीद
2024 से 46.5 एकड़ (स्वयं या साझेदारों के साथ)
कंपनी
श्री एनपीजीके एलएलपी (मार्च 2024 में स्थापित)
खास बात
परिवार का सबसे बड़ा रियल एस्टेट चेहरा
11. नीलेश यादव | Nilesh Yadav (प्रथम चचेरा भाई)
विवरण
जानकारी
भूमि खरीद
2024 से 108 एकड़ (पत्नी सुनीता के साथ)
कंपनियां
श्री अन्नपूर्णा कंस्ट्रक्शन, श्री अन्नपूर्णा एंटरप्राइजेज
आरईआरए स्कीम
“सावरिया” ब्रांड के तहत 4 हाउसिंग स्कीमें
कजिन्स का दबदबा: गोविंद और नीलेश यादव (मोहन यादव के चाचा शंकरलाल के पुत्र) ने 2024 से मिलकर 154.5 एकड़ से अधिक भूमि अर्जित की है ।
🏢 परिवार की प्रमुख कंपनियां | Key Family Companies
2008 में स्थापित, 2017 में सीएम ने निदेशक पद से इस्तीफा, मार्च 2026 में शेयर त्याग
कंपनी की भूमि
68.43 एकड़ (2023) → 65.69 एकड़ (2026) (कमी)
वैभव यादव की भूमि
16.38 एकड़ 2019-2023 के बीच खरीदी (सीएम बनने से पहले)
शालिनी यादव की भूमि
10 एकड़ गंगेड़ी में, मास्टर प्लान क्षेत्र के बाहर
मास्टर प्लान
मई 2023 में लागू, सीएम दिसंबर 2023 में बने – इसलिए सीएम का प्रभाव संभव नहीं
भारतीय जनता पार्टी की प्रतिक्रिया | BJP’s Reaction
वक्ता
बयान
हेमंत खंडेलवाल (बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष)
“आरोप पूरी तरह निराधार हैं, कांग्रेस भ्रम फैला रही है”
हेमंत खंडेलवाल
“यह कांग्रेस की OBC सीएम को कमजोर करने की साजिश है… जब भी OBC समुदाय से मुख्यमंत्री रहा है, कांग्रेस ने साजिश की है”
हेमंत खंडेलवाल
“सीएम की भूमि मास्टर प्लान लागू होने से पहले से थी”
भाई-भतीजों का बचाव | Cousins’ Defense
अनंत यादव (गोविंद यादव के पुत्र) ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया :
“हमारा परिवार 2010 से रियल एस्टेट बिजनेस में है जब मेरे पिता ने 100 बीघा संपत्ति विकसित की थी। मेरे चाचा के कई हाउसिंग प्रोजेक्ट हैं। निजी व्यक्तियों के रूप में, हमें किसी भी निजी भूमि को खरीदने, विकसित करने या बेचने का पूरा अधिकार है। क्या हमें सिर्फ इसलिए बिजनेस बंद कर देना चाहिए क्योंकि सीएम हमारे परिवार से हैं?”
“गंगेड़ी की ज़मीन 2020 में खरीदी गई थी, जब मोहन यादव मंत्री भी नहीं थे। हाईवे क्लियरेंस 2019 में ही आ गया था। ज़मीन हाईवे से 100 मीटर दूर है।”
📊 आंकड़ों का सारांश | Data Summary
भूमि खरीद का कालक्रम | Land Purchase Timeline
अवधि
भूमि (एकड़)
विशेष टिप्पणी
1998
13
मोहन यादव द्वारा खरीद
2008-2011
10.6
सीमा यादव द्वारा खरीद
2019-2021
16
वैभव यादव द्वारा खरीद
2021-2023
85
परिवार द्वारा खरीद (सीएम बनने से पहले)
दिसंबर 2023-दिसंबर 2025
168
सीएम बनने के बाद खरीद
2021 से कुल
253
कुल अर्जित भूमि
कुल (अनुमानित)
335+
परिवार की कुल भूमि (245 प्लॉट)
क्षेत्रवार भूमि खरीद | Area-wise Land Purchase
क्षेत्र
भूमि (एकड़)
प्लॉट्स
समयावधि
गंगेड़ी
51
38
अप्रैल 2024 से
उनहेल
29
16
मई 2025
सावरखेड़ी
30+
–
अप्रैल 2023
पंड्याखेड़ी
18
–
2025
चंदेसरा
9
–
फरवरी 2025
कराड़िया-नवाखेड़ा
9
–
अक्टूबर 2024
करौंदिया
8
–
जुलाई 2025
जयवंतपुरा
6
12
2024-25
⚠️ विवाद के प्रमुख बिंदु | Key Points of Controversy
1. हितों का टकराव | Conflict of Interest
विपक्ष का आरोप है कि भूमि खरीद की टाइमिंग और लोकेशन हितों के टकराव का संकेत देती है :
टाइमिंग: परिवार ने उन क्षेत्रों में भूमि खरीदी, जहां बाद में सरकार ने हाईवे और विकास परियोजनाओं की घोषणा की
मास्टर प्लान: उज्जैन मास्टर प्लान 2035 (मई 2023) में कई क्षेत्रों का लैंड यूज़ परिवर्तन किया गया
पैटर्न: परिवार ने मास्टर प्लान के अनुसार लैंड यूज़ परिवर्तन वाले क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमि खरीदी
रणनीतिक खरीद: 111 एकड़ (168 में से) सड़क परियोजनाओं के पास खरीदी गई
2. इनसाइडर इंफॉर्मेशन | Insider Information
कांग्रेस नेता उमंग सिंघार के अनुसार :
पहले खरीद, बाद में घोषणा: प्रोजेक्ट्स की घोषणा से पहले भूमि खरीदी गई
कीमतों में उछाल: परियोजनाओं की घोषणा के बाद भूमि का मूल्य कई गुना बढ़ गया
योजनाबद्ध रणनीति: भूमि की कीमतों को योजनाबद्ध तरीके से बढ़ाया गया
3. उज्जैन मास्टर प्लान 2035 | Ujjain Master Plan 2035
मई 2023 में लागू
परिवार ने मास्टर प्लान से पहले सावरखेड़ी में 30+ एकड़ खरीदी
मास्टर प्लान में कई क्षेत्रों का लैंड यूज़ कृषि से आवासीय/व्यावसायिक में बदला
सावरखेड़ी के 367 एकड़ को जुलाई 2023 में वापस गैर-आवासीय किया गया
4. सिम्हस्था कुंभ मेला 2028 | Simhastha Kumbh Mela 2028
सितंबर 2025 में सरकार ने 1,800 एकड़ कृषि भूमि अधिग्रहण की घोषणा की
आरएसएस से जुड़े भारतीय किसान संघ ने विरोध किया
कांग्रेस ने सिम्हस्था मेला से जुड़े अनुबंधों की जांच की मांग की
🏁 निष्कर्ष | Conclusion
23 जून 2026 को द इंडियन एक्सप्रेस की जांच रिपोर्ट ने उज्जैन में मुख्यमंत्री मोहन यादव के परिवार की भूमि खरीद पर एक बड़ी राजनीतिक बहस छेड़ दी है ।
एक तरफ जांच रिपोर्ट के निष्कर्ष | Investigation Findings
परिवार ने सीएम बनने के बाद 168 एकड़ भूमि खरीदी (137 प्लॉट)
अधिकांश भूमि उन क्षेत्रों में है जहां बाद में सरकारी परियोजनाएं आईं
111 एकड़ (168 में से) सड़क परियोजनाओं के पास खरीदी गई
उज्जैन मास्टर प्लान 2035 और सिम्हस्था कुंभ 2028 से जुड़े संदिग्ध पैटर्न
परिवार की कुल भूमि 335 एकड़ (245 प्लॉट) है
दूसरी तरफ सरकार और परिवार की दलीलें | Government & Family Defense
सीएम की अपनी भूमि में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई – 17.967 एकड़ (2023) से 17.967 एकड़ (2026)
परिवार 2010 से रियल एस्टेट कारोबार में सक्रिय है
रिश्तेदारों के कारोबार को सीएम से जोड़ना उचित नहीं
सभी सौदे कानूनी रूप से किए गए
मास्टर प्लान मई 2023 में लागू, सीएम दिसंबर 2023 में बने
जून 2026 तक की स्थिति | Current Status (June 2026)
पहलू
स्थिति
न्यायिक निर्णय
कोई नहीं
आधिकारिक जांच
शुरू नहीं (कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट जज की जांच की मांग की है)
अवैधता सिद्ध
नहीं
राजनीतिक स्थिति
गरमागरम बहस जारी
बीजेपी का रुख
आरोपों को “निराधार” और “राजनीतिक प्रेरित” बताया
फिलहाल, यह मध्य प्रदेश की राजनीति का सबसे गरमागरम मुद्दा बना हुआ है, जिसमें हर पक्ष अपनी-अपनी दलीलें पेश कर रहा है।
📚 स्रोत | Sources
Outlook India Report
The Indian Express Investigation Report (22 June 2026)
Hindustan Times Report (23 June 2026)
Indian Express Editorial
The Wire Report
The Times of India Report
ThePrint Report
ABP Live Report
📝 नोट: यह लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध दस्तावेजों और मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है। सभी आरोप अभी किसी न्यायालय या जांच एजेंसी द्वारा सिद्ध नहीं हुए हैं।