भारत में चुनाव लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत हैं। हर चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी हो, इसके लिए मतदाता सूची (Voter List) का सही और अपडेट रहना बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से Election Commission of India (ECI) ने Special Intensive Revision (SIR) अभियान शुरू किया है।
यह अभियान देशभर में मतदाता सूचियों को अपडेट करने, फर्जी नाम हटाने, मृत मतदाताओं के रिकॉर्ड साफ करने और नए पात्र मतदाताओं को जोड़ने के लिए चलाया जा रहा है। हाल के वर्षों में यह भारत का सबसे बड़ा वोटर वेरिफिकेशन अभियान बन गया है।
इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि SIR क्या है, कितने राज्यों में यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, किन राज्यों में अभी चल रही है और शेष राज्यों में यह कब तक पूरी होने की संभावना है।
SIR क्या है?
Special Intensive Revision (SIR) निर्वाचन आयोग द्वारा चलाया जाने वाला एक विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान है।
इस प्रक्रिया के दौरान:
✅ घर-घर सत्यापन किया जाता है।
✅ मृत मतदाताओं के नाम हटाए जाते हैं।
✅ डुप्लिकेट वोटर रिकॉर्ड हटाए जाते हैं।
✅ नए 18+ मतदाताओं को जोड़ा जाता है।
✅ मतदाताओं के पते और अन्य विवरण अपडेट किए जाते हैं।
✅ गलत या फर्जी प्रविष्टियों को हटाया जाता है।
इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि चुनाव के समय मतदाता सूची पूरी तरह सटीक और अद्यतन हो।
SIR की आवश्यकता क्यों पड़ी?
समय के साथ लाखों लोग:
- एक शहर से दूसरे शहर चले जाते हैं।
- मृत्यु होने के बाद भी उनका नाम सूची में बना रह जाता है।
- कई बार एक व्यक्ति का नाम दो अलग-अलग स्थानों पर दर्ज हो जाता है।
- नए युवा मतदाता सूची में जुड़ नहीं पाते।
इन समस्याओं को दूर करने के लिए निर्वाचन आयोग समय-समय पर मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण करता है।
SIR अभियान की शुरुआत कहाँ से हुई?
इस अभियान का पहला बड़ा चरण बिहार से शुरू किया गया था।
बिहार में व्यापक स्तर पर मतदाता सत्यापन किया गया और निर्वाचन आयोग ने इसे सफलतापूर्वक पूरा घोषित किया। इसके बाद इसी मॉडल को अन्य राज्यों में लागू किया गया।
Phase-1: बिहार
| राज्य | स्थिति |
|---|---|
| बिहार | ✅ पूर्ण |
बिहार में अभियान पूरा होने के बाद निर्वाचन आयोग ने इसे राष्ट्रीय स्तर पर विस्तारित करने का निर्णय लिया।
Phase-2: 9 राज्य और 3 केंद्र शासित प्रदेश
दूसरे चरण में निर्वाचन आयोग ने 9 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में SIR शुरू की।
शामिल राज्य
- उत्तर प्रदेश
- पश्चिम बंगाल
- गुजरात
- मध्य प्रदेश
- राजस्थान
- तमिलनाडु
- केरल
- छत्तीसगढ़
- गोवा
शामिल केंद्र शासित प्रदेश
- पुडुचेरी
- अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह
- लक्षद्वीप
इन सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष पुनरीक्षण प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है और अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित हो चुकी है।
अब तक किन राज्यों में SIR पूरी हो चुकी है?
वर्तमान स्थिति के अनुसार निम्नलिखित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है।
| क्रमांक | राज्य / केंद्र शासित प्रदेश | स्थिति |
|---|---|---|
| 1 | बिहार | ✅ पूर्ण |
| 2 | उत्तर प्रदेश | ✅ पूर्ण |
| 3 | पश्चिम बंगाल | ✅ पूर्ण |
| 4 | गुजरात | ✅ पूर्ण |
| 5 | मध्य प्रदेश | ✅ पूर्ण |
| 6 | राजस्थान | ✅ पूर्ण |
| 7 | तमिलनाडु | ✅ पूर्ण |
| 8 | केरल | ✅ पूर्ण |
| 9 | छत्तीसगढ़ | ✅ पूर्ण |
| 10 | गोवा | ✅ पूर्ण |
| 11 | पुडुचेरी | ✅ पूर्ण |
| 12 | अंडमान एवं निकोबार | ✅ पूर्ण |
| 13 | लक्षद्वीप | ✅ पूर्ण |
कुल पूर्ण
13 राज्य / केंद्र शासित प्रदेश
Phase-3 में किन राज्यों में प्रक्रिया चल रही है?
निर्वाचन आयोग ने तीसरे चरण में 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों को शामिल किया है।
इनमें प्रमुख रूप से:
- दिल्ली
- हरियाणा
- महाराष्ट्र
- पंजाब
- ओडिशा
- झारखंड
- जम्मू-कश्मीर
- हिमाचल प्रदेश
- तेलंगाना
- आंध्र प्रदेश
- कर्नाटक
- असम (आगामी चरणों में)
- अन्य राज्य और केंद्र शासित प्रदेश
शामिल हैं।
दिल्ली में SIR की स्थिति
दिल्ली में SIR जून 2026 से शुरू की गई है।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार:
- घर-घर सत्यापन
- दस्तावेज जांच
- दावे और आपत्तियाँ
- मतदाता सूची संशोधन
जैसी प्रक्रियाएँ पूरी की जाएंगी।
संभावित समयसीमा
| कार्य | समय |
|---|---|
| सत्यापन प्रारंभ | जून 2026 |
| प्रारूप सूची | अगस्त 2026 |
| आपत्तियाँ | सितंबर 2026 |
| अंतिम सूची | अक्टूबर 2026 |
हरियाणा में क्या स्थिति है?
हरियाणा में विशेष पुनरीक्षण प्रक्रिया जून 2026 से शुरू की गई है।
संभावित कार्यक्रम
| चरण | समय |
|---|---|
| प्रारंभ | जून 2026 |
| ड्राफ्ट रोल | जुलाई 2026 |
| दावे एवं आपत्तियाँ | अगस्त 2026 |
| अंतिम सूची | सितंबर 2026 |
ओडिशा में क्या स्थिति है?
ओडिशा में भी तीसरे चरण के तहत व्यापक मतदाता सत्यापन किया जा रहा है।
संभावित कार्यक्रम
| चरण | समय |
|---|---|
| घर-घर सत्यापन | मई-जून 2026 |
| ड्राफ्ट सूची | जुलाई 2026 |
| अंतिम सूची | सितंबर 2026 |
SIR के दौरान क्या-क्या जांचा जाता है?
निर्वाचन आयोग के अधिकारी और बूथ लेवल अधिकारी (BLO) निम्नलिखित बिंदुओं की जांच करते हैं:
1. मतदाता जीवित है या नहीं
मृत व्यक्तियों के नाम सूची से हटाए जाते हैं।
2. मतदाता उसी पते पर रहता है या नहीं
यदि व्यक्ति स्थानांतरित हो चुका है तो रिकॉर्ड अपडेट किया जाता है।
3. डुप्लिकेट रिकॉर्ड
यदि किसी व्यक्ति का नाम दो स्थानों पर पाया जाता है तो डुप्लिकेट रिकॉर्ड हटाया जाता है।
4. नए मतदाता
18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवाओं को सूची में जोड़ा जाता है।
5. पहचान दस्तावेज
आवश्यक होने पर आधार, निवास प्रमाण या अन्य दस्तावेजों की जांच की जाती है।
Phase-2 में क्या बड़े बदलाव हुए?
निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार:
- लगभग 51 करोड़ मतदाताओं का सत्यापन किया गया।
- लगभग 5.2 करोड़ रिकॉर्ड हटाए गए।
- 2 करोड़ से अधिक नए मतदाता जोड़े गए।
- करोड़ों रिकॉर्ड अपडेट किए गए।
इससे मतदाता सूची को पहले की तुलना में अधिक सटीक और पारदर्शी बनाने का दावा किया गया।
क्या SIR को लेकर विवाद भी हुआ?
हाँ।
कुछ राजनीतिक दलों और संगठनों ने इस प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि सत्यापन प्रक्रिया में कुछ योग्य मतदाताओं के नाम भी हट सकते हैं।
हालाँकि निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया कि:
- प्रत्येक मतदाता को दावा और आपत्ति दर्ज करने का अवसर दिया जाता है।
- अंतिम निर्णय निर्धारित नियमों के अनुसार लिया जाता है।
- किसी भी नाम को बिना प्रक्रिया पूरी किए नहीं हटाया जाता।
सुप्रीम कोर्ट का क्या कहना है?
SIR प्रक्रिया को लेकर दायर याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान सर्वोच्च न्यायालय ने निर्वाचन आयोग के अधिकारों और जिम्मेदारियों को मान्यता दी।
कोर्ट ने कहा कि मतदाता सूची को सटीक बनाए रखना निर्वाचन आयोग का संवैधानिक दायित्व है और मतदाता सूची की शुद्धता लोकतंत्र के लिए आवश्यक है।
अभी कितने राज्य बाकी हैं?
भारत में कुल:
- 28 राज्य
- 8 केंद्र शासित प्रदेश
अर्थात कुल 36 प्रशासनिक इकाइयाँ हैं।
वर्तमान स्थिति
| स्थिति | संख्या |
|---|---|
| पूर्ण | 13 |
| प्रक्रिया जारी | 19 |
| आगामी चरणों में | शेष इकाइयाँ |
SIR कब तक पूरी हो सकती है?
निर्वाचन आयोग के वर्तमान कार्यक्रम को देखते हुए:
- अधिकांश राज्यों में सितंबर 2026 तक ड्राफ्ट सूची तैयार हो जाएगी।
- कई राज्यों में अंतिम सूची सितंबर-अक्टूबर 2026 तक प्रकाशित हो सकती है।
- कुछ विशेष परिस्थितियों वाले राज्यों में यह प्रक्रिया 2027 तक भी बढ़ सकती है।
आम मतदाता को क्या करना चाहिए?
यदि आपके क्षेत्र में SIR चल रही है तो:
✔️ अपना नाम मतदाता सूची में अवश्य जांचें।
✔️ BLO द्वारा मांगी गई जानकारी सही दें।
✔️ पता बदलने पर तुरंत अपडेट करवाएं।
✔️ नए मतदाता होने पर पंजीकरण करवाएं।
✔️ ड्राफ्ट सूची प्रकाशित होने पर अपना विवरण सत्यापित करें।
निष्कर्ष
Special Intensive Revision (SIR) भारत में मतदाता सूची को अधिक सटीक, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने की दिशा में निर्वाचन आयोग का एक बड़ा अभियान है। बिहार से शुरू हुई यह प्रक्रिया अब देश के अधिकांश राज्यों तक पहुंच चुकी है।
अब तक 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR पूरी हो चुकी है, जबकि कई अन्य राज्यों में प्रक्रिया जारी है। निर्वाचन आयोग का लक्ष्य है कि आगामी चुनावों से पहले मतदाता सूची को अधिकतम स्तर तक त्रुटिरहित बनाया जा सके।
यदि यह अभियान सफलतापूर्वक पूरा होता है, तो इससे चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता बढ़ेगी और लोकतंत्र की मजबूती में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।


















